KIT कॉलेज रणक्षेत्र में तब्दील, छात्रों का हिंसक प्रदर्शन और आगजनी
रूमा स्थित कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) में ऑटोनॉमस (स्वायत्त) नियमों को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। एनओसी (NOC) विवाद से आक्रोशित छात्रों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने पूरे कैंपस को बंधक बना लिया। प्रदर्शन के दौरान न केवल तोड़फोड़ हुई, बल्कि देर शाम कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से हड़कंप मच गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रशासन को पूरे परिसर में एक प्लाटून पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ी है।
सोमवार को फूटा छात्रों का गुस्सा, जमकर हुई तोड़फोड़
कॉलेज के ऑटोनॉमस दर्जे और एकेटीयू (AKTU) से एनओसी न मिलने के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसी मांग को लेकर सोमवार दोपहर छात्र उग्र हो गए। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन उनकी डिग्रियों की वैधता को लेकर गोलमोल जवाब दे रहा है और उनके दो साल बर्बाद होने की कगार पर हैं।
कॉन्फ्रेंस हॉल में आगजनी से मची अफरा-तफरी
तनावपूर्ण माहौल के बीच देर शाम कॉलेज के मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल से आग की लपटें उठती देख अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग कैसे लगी—क्या यह छात्रों के आक्रोश का नतीजा थी या इसके पीछे कोई और साजिश है—इसकी जांच महाराजपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग कर रहा है। गनीमत रही कि इस आगजनी में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कॉलेज की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
कॉलेज बंद, बैग पैक कर घर लौटे सैकड़ों छात्र
हिंसक घटनाक्रम और आगजनी के बाद कॉलेज प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के कैंपस को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का फरमान जारी कर दिया। मंगलवार सुबह कॉलेज परिसर का नजारा हृदयविदारक था। करीब 250 से 300 छात्र-छात्राएं अपना बैग पैक कर पैदल ही स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाते दिखाई दिए। जो कैंपस कभी पढ़ाई के शोर से गूंजता था, वहां आज सन्नाटा पसरा है और सिर्फ वर्दीधारी जवान तैनात हैं।
प्रशासनिक रुख और सुरक्षा व्यवस्था
महाराजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले अराजक तत्वों की पहचान की जा सके। फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर कैंपस के बाहर और भीतर भारी पुलिस बल के साथ एक प्लाटून पीएसी को मुस्तैद रखा गया है।
भविष्य पर संकट: क्या होगा छात्रों का?
इस विवाद की मुख्य जड़ कॉलेज द्वारा बिना एनओसी के छात्रों को आटोनॉमस श्रेणी में दाखिला देना है। छात्र इस बात से डरे हुए हैं कि अगर एकेटीयू ने कॉलेज को मान्यता नहीं दी, तो उनकी डिग्री महज एक कागज का टुकड़ा रह जाएगी। कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को फीस वापसी का विकल्प तो दिया है, लेकिन छात्र करियर के नुकसान की भरपाई की मांग पर अड़े हैं।
प्रशासनिक अपडेट: जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी कॉलेज प्रबंधन के संपर्क में हैं। यह कोशिश की जा रही है कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो और कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके।
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