उन्नाव के मसवासी गांव में धर्मांतरण की कोशिश का आरोप: बजरंग दल का भारी हंगामा, पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से सांप्रदायिक संवेदनशीलता और कथित धर्मांतरण की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मसवासी गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक घर में चल रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यहाँ हिंदू परिवारों को प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था। इस हंगामे के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बजरंग दल का धावा: गुपचुप तरीके से चल रही थी गतिविधियां

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गुप्त सूचना मिली थी कि मसवासी गांव के एक विशेष स्थान पर कुछ बाहरी लोग स्थानीय ग्रामीणों को एकत्र कर उन्हें धर्म विशेष के प्रति प्रभावित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

बजरंग दल के पदाधिकारियों ने दावा किया कि गांव में लंबे समय से भोली-भाली जनता को बहला-फुसलाकर और आर्थिक मदद का लालच देकर धर्मांतरण का खेल गुपचुप तरीके से खेला जा रहा था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।

मौके पर पहुंची पुलिस, 3 लोग हिरासत में

हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली सदर पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को बिगड़ने से बचाया और उत्तेजित कार्यकर्ताओं को शांत कराया। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से दो से तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।

हिरासत में लिए गए लोगों से कोतवाली में कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे लोग गांव में किस उद्देश्य से आए थे, उनका स्थानीय संपर्क किससे है और क्या वास्तव में वहां धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि संचालित हो रही थी। एहतियात के तौर पर गांव के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुरुषोत्तम की तहरीर: “प्रलोभन देकर बदला जा रहा था मजहब”

इस पूरे मामले में पुरुषोत्तम नामक एक व्यक्ति ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग सक्रिय रूप से हिंदू परिवारों को निशाना बना रहे थे। उन्हें बेहतर जीवन और अन्य प्रलोभन देकर सनातन धर्म छोड़ने के लिए उकसाया जा रहा था। पुरुषोत्तम ने पुलिस से मांग की है कि इस सिंडिकेट के पीछे जो भी बड़ी ताकतें हैं, उनका पर्दाफाश किया जाए और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।

पुलिस का पक्ष: साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील माना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देंगे।

कोतवाली सदर प्रभारी ने बताया, “मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। धर्मांतरण के आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में गांव में शांति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है ताकि कोई अफवाह न फैल सके।”

निष्कर्ष: उन्नाव में सामाजिक सद्भाव की चुनौती

धर्मांतरण के आरोपों ने एक बार फिर जिले में प्रशासनिक सतर्कता की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बाहरी लोगों की आवाजाही की निगरानी बढ़ानी चाहिए। इस घटना ने न केवल पुलिस के लिए चुनौती खड़ी की है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है।

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