मॉकड्रिल से परखी गई सुरक्षा
प्रलभ शरण चौधरी, (Truth India Times)
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के जनपद उन्नाव में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। शुक्रवार को अकरमपुर स्थित इंडो प्रोसोया फूड लिमिटेड (Indo Prosoya Food Limited) कंपनी में उस समय हड़कंप मच गया जब अपर जिलाधिकारी (ADM) प्रशासन सुशील गौड़ के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला अचानक निरीक्षण के लिए पहुँच गया। यह केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कंपनी की तैयारियों की एक ‘अग्निपरीक्षा’ थी।
ADM के नेतृत्व में सुरक्षा का ‘रिएलिटी चेक’
निरीक्षण का नेतृत्व कर रहे एडीएम सुशील गौड़ के साथ एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी, सदर तहसीलदार और फायर ब्रिगेड के आला अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कंपनी की फाइलों से लेकर जमीन पर लगे अग्निशमन उपकरणों तक की बारीकी से जांच की। जांच का मुख्य केंद्र बिंदु कंपनी की अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) मार्ग रहे।
प्रशासन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर गहन पड़ताल की:
- फायर अलार्म सिस्टम: क्या आग लगने की स्थिति में अलार्म ससमय बजता है?
- अग्निशमन यंत्र: क्या सिलिंडर भरे हुए हैं और उनकी एक्सपायरी डेट वैध है?
- निकास मार्ग: क्या आपातकालीन रास्ते खुले हैं या वहां कोई बाधा है?
- मेडिकल सुविधा: कंपनी के भीतर फर्स्ट एड बॉक्स और एम्बुलेंस की उपलब्धता की स्थिति क्या है?
मॉकड्रिल: जब गूँजा सायरन और धुआं उठा
निरीक्षण के बाद परिसर में एक लाइव मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई कि कंपनी के एक हिस्से में भीषण आग लग गई है। सायरन बजते ही चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बनाया गया ताकि यह देखा जा सके कि स्टाफ कितनी तेजी से रिएक्ट करता है।
मॉकड्रिल के दौरान कर्मचारियों ने फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रदर्शन किया। धुआं उठते ही ‘घायलों’ को स्ट्रेचर पर लिटाकर एम्बुलेंस तक पहुँचाया गया और प्राथमिक उपचार दिया गया। फायर विभाग की टीम ने कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया कि आग लगने के पहले 5 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और उस दौरान बिना डरे संसाधनों का उपयोग कैसे करना है।
प्रशासन के सख्त तेवर: “औपचारिकता नहीं, सुरक्षा चाहिए”
निरीक्षण के बाद ADM सुशील गौड़ ने प्रबंधन को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल कंपनी की संपत्ति बल्कि सैकड़ों श्रमिकों की जान को जोखिम में डाल सकती है।” उन्होंने प्रबंधन को हिदायत दी कि सभी उपकरणों की नियमित जांच हो और उसका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाए।
वहीँ, एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल फोटो खिंचवाना या औपचारिकता पूरी करना नहीं है। इसका असली मकसद आपकी ‘मसल मेमोरी’ को तैयार करना है ताकि वास्तविक आपदा के समय आप घबराएं नहीं और अपनी व दूसरों की जान बचा सकें।
कर्मचारियों में जागरूकता और भविष्य की रणनीति
इस व्यापक अभियान से इंडो प्रोसोया के कर्मचारियों के बीच सुरक्षा को लेकर एक नया विश्वास दिखा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्नाव की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण और अभ्यास जारी रहेंगे। जिले में किसी भी फैक्ट्री को मानकों के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस मौके पर फायर विभाग के प्रभारी अधिकारियों ने गैस रिसाव और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियों से निपटने के विशेष टिप्स भी साझा किए।
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