उन्नाव में पीएम आवास योजना का धमाका: 3140 लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 31.40 करोड़, सांसद और डीएम ने सौंपी विकास की चाबी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में रविवार का दिन हजारों परिवारों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-2 के तहत जिले के 3140 पात्र लाभार्थियों के पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र बांटे गए और उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से पहली किस्त की धनराशि ट्रांसफर की गई।

सीधे खातों में पहुंची सहायता राशि

योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन की मिसाल पेश करते हुए प्रशासन ने प्रत्येक लाभार्थी के खाते में आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन भेजी है। कुल मिलाकर 31.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि एक क्लिक के साथ लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। इस कदम से न केवल भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है, बल्कि लाभार्थियों को बिचौलियों के चक्कर काटने से भी मुक्ति मिली है।

सांसद और डीएम ने बढ़ाया उत्साह

शहर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्थानीय सांसद और जिलाधिकारी ने शिरकत की। लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित करते हुए सांसद ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर गरीब के सिर पर अपनी पक्की छत हो। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-2 के माध्यम से उन लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो अब तक किन्हीं कारणों से इस सुविधा से वंचित थे।

जिलाधिकारी (DM) ने इस दौरान सख्त निर्देश दिए कि आवास निर्माण की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि किस्त की राशि का उपयोग केवल और केवल घर बनाने में ही करें, ताकि अगली किस्तें समय पर जारी की जा सकें।

क्या है पीएम आवास योजना (शहरी)-2?

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) का दूसरा चरण मध्यम और कम आय वर्ग के परिवारों को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। इसमें तकनीकी पारदर्शिता और लाभार्थियों के चयन में विशेष सावधानी बरती गई है। उन्नाव में इस बार जिन 3140 लोगों का चयन हुआ है, उनके दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही उन्हें इस सूची में शामिल किया गया था।

लाभार्थियों के चेहरों पर दिखी मुस्कान

कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों के लिए यह पल बेहद भावुक कर देने वाला था। सालों से कच्चे मकानों या किराए के कमरों में रह रहे परिवारों ने कहा कि अब वे भी गर्व के साथ अपने घर में रह सकेंगे। विशेषकर महिलाओं में इस योजना को लेकर भारी उत्साह देखा गया, क्योंकि घर के मालिकाना हक में महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन की निगरानी और आगामी रणनीति

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवास निर्माण की प्रक्रिया की जियो-टैगिंग की जाएगी। जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे अगली किस्तों का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक और नगर निकाय स्तर पर टीमों का गठन किया गया है जो मौके पर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगी।

इस बड़ी पहल से उन्नाव जिले में बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को एक नई गति मिली है। 31.40 करोड़ रुपये की यह राशि न केवल घर बनाएगी, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था में भी निर्माण सामग्री और श्रम के माध्यम से हलचल पैदा करेगी।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading