वंदे भारत पर पथराव रोकने को RPF का बड़ा अभियान: ट्रैक किनारे रहने वालों को दी सख्त चेतावनी, माता-पिता पर भी होगी कार्रवाई

भारतीय रेलवे की शान कही जाने वाली ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ और अन्य यात्री ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब बेहद सख्त रुख अपना रहा है। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों से ट्रेनों पर पथराव की दुखद घटनाएं सामने आई हैं, जिसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। इसी क्रम में आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को बांदा रेलवे स्टेशन के आस-पास के क्षेत्रों में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक्शन

यह विशेष अभियान महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (RPF) प्रदीप कुमार गुप्ता के आदेशों के अनुपालन में आयोजित किया गया। अभियान का नेतृत्व झांसी मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विवेकानंद नारायण के कुशल निर्देशन में किया गया। बांदा में इस मुहिम की कमान निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने संभाली। उन्होंने आरपीएफ पोस्ट बांदा के हमराह स्टाफ के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित बस्तियों और संवेदनशील इलाकों में दस्तक दी।

बस्तियों में जाकर समझाया सुरक्षा का महत्व

निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी और उनकी टीम ने बांदा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे बसी झुग्गी-झोपड़ियों और बस्तियों में जाकर स्थानीय महिलाओं, पुरुषों और विशेषकर बच्चों को एकत्रित किया। टीम ने उन्हें विस्तार से समझाया कि ट्रेन पर पत्थर फेंकना न केवल एक अपराध है, बल्कि यह यात्रियों की जान के लिए कितना बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।

आरपीएफ अधिकारियों ने संवाद के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:

  • ट्रेनों पर पथराव: वंदे भारत और अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों पर पत्थर फेंकना एक गंभीर दंडनीय अपराध है।
  • ट्रैक पार न करना: अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करना अपनी जान को जोखिम में डालना है।
  • रील और फोटोग्राफी: ट्रैक पर खड़े होकर रील बनाना या फोटो खिंचवाना प्रतिबंधित है, इससे कई बार जानलेवा हादसे हो चुके हैं।
  • पतंगबाजी पर रोक: रेलवे लाइनों के पास पतंग उड़ाने से हाई-वोल्टेज ओवरहेड वायर (OHE) की चपेट में आने का खतरा रहता है।

कानूनी कार्रवाई की सख्त चेतावनी (धारा 147 व 153)

अभियान के दौरान आरपीएफ ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल समझाइश से काम नहीं चलेगा। निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने लोगों को आगाह किया कि रेलवे एक्ट की धारा 147 (अनाधिकृत प्रवेश) और धारा 153 (यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत कड़ी विधिक कार्यवाही की जाएगी।

सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी उन अभिभावकों के लिए थी जिनके बच्चे खेल-खेल में पटरियों पर पत्थर फेंकते हैं। आरपीएफ ने साफ कहा कि यदि बच्चे पत्थरबाजी करते पाए गए, तो उनके माता-पिता के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बच्चों के भविष्य और समाज की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों को रेलवे ट्रैक से दूर रखें और उन्हें इस कृत्य के दुष्परिणामों के बारे में बताएं।

यात्रियों की सुरक्षा ही प्राथमिकता

रेलवे सुरक्षा बल का मानना है कि केवल कानून के डंडे से अपराध नहीं रुकते, इसके लिए सामाजिक चेतना जरूरी है। बांदा आरपीएफ द्वारा चलाया गया यह अभियान इसी कड़ी का हिस्सा है। ट्रैक किनारे रहने वाले लोगों को ‘रेल मित्र’ बनने की सलाह दी गई ताकि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन पर दे सकें।

इस अभियान से स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ी है और रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि वंदे भारत जैसी राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरपीएफ का यह जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि रेल यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाया जा सके।

About The Author


Discover more from Truth India Times

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Posts

उन्नाव: जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने बेटे पर लगाया हत्या और बंधक बनाने का गंभीर आरोप

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सनसनी फैल गई है। मृतका…

उन्नाव में अवैध खनन माफियाओं पर प्रशासन का हंटर: गंगाघाट में पोकलैंड और जेसीबी सीज, एडीएम बोले- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’

प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times) उन्नाव | उन्नाव जिले में अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Truth India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading