सफीपुर में बाग के पेड़ से लटका मिला 55 वर्षीय अधेड़
प्रलभ शरण चौधरी, Truth India Times
उन्नाव | उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद अंतर्गत सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक अधेड़ व्यक्ति का शव गांव के बाहर एक बाग में पेड़ से लटकता हुआ मिला। घटना जमालनगर गैर-एहतमाली गांव की है, जहां दोपहर के समय खेतों की ओर गए किसानों ने शव को देखा। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों ने इस दुखद कदम के पीछे उसकी लंबे समय से चली आ रही मानसिक बीमारी को मुख्य कारण बताया है।
कैसे सामने आई घटना?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर जमालनगर गैर-एहतमाली गांव के पास स्थित गौशाला के समीप एक बाग में स्थानीय ग्रामीण अपने मवेशियों और खेतों की देखभाल के लिए गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक पेड़ से लटके हुए शव पर पड़ी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना सफीपुर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब शिनाख्त की कार्रवाई शुरू की, तो मृतक की पहचान गांव के ही रहने वाले 55 वर्षीय राजेंद्र पाल के रूप में हुई।
मानसिक तनाव और बीमारी का साया
घटना की जानकारी मिलते ही राजेंद्र पाल के परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। मृतक के छोटे भाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि राजेंद्र पिछले काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार भी कराया जा रहा था, लेकिन बीमारी के कारण वे अक्सर तनाव में रहते थे। परिजनों का मानना है कि इसी मानसिक बीमारी और उससे उपजी हताशा के कारण उन्होंने सोमवार दोपहर घर से निकलने के बाद यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सफीपुर कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस परिजनों के बयानों और आसपास के साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
गांव में शोक की लहर
राजेंद्र पाल की मौत की खबर से जमालनगर गैर-एहतमाली गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि राजेंद्र स्वभाव से शांत व्यक्ति थे, लेकिन अपनी बीमारी के कारण पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम रहने लगे थे। इस घटना ने एक बार फिर समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और प्रभावित व्यक्तियों की उचित देखभाल की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
पुलिस का कहना है कि वे इस मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस आत्मघाती कदम के पीछे कोई अन्य बाहरी दबाव या कारण तो नहीं था। फिलहाल, परिवार राजेंद्र के अंतिम संस्कार की तैयारियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।
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