Shuklaganj | Truth India Times Digital Desk
कानपुर-शुक्लागंज के बीच प्रस्तावित नए गंगा पुल परियोजना को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। पुल के निर्धारित मार्ग में आने वाले लगभग 40 मकानों का सर्वे पूरा होने के बाद अब उनका मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है।
राजस्व विभाग और नगर प्रशासन की संयुक्त टीम प्रभावित मकान मालिकों से दस्तावेज़ एकत्र कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, सभी मकानों का मूल्यांकन अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद मुआवज़ा जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
क्यों ज़रूरी है यह नया पुल?
जाजमऊ-शुक्लागंज के मौजूदा पुल पर भारी ट्रैफ़िक का दबाव बना रहता है। इससे न सिर्फ़ शहर में एंट्री के समय लंबा जाम लगता है, बल्कि कानपुर और उन्नाव के बीच औद्योगिक परिवहन पर भी असर पड़ता है।
नया पुल बनने से मिलेगा लाभ
-ट्रैफ़िक का बोझ काफी कम होगा
-कानपुर सिटी में प्रवेश आसान होगा
-लखनऊ हाईवे से कनेक्टिविटी तेज़ होगी
-मालवाहक वाहनों और यात्रियों दोनों का समय बचेगा
कहाँ से कहाँ तक बनेगा नया पुल?
परियोजना के अनुसार, नया पुल जाजमऊ को सीधे शुक्लागंज से जोड़ेगा और आगे बैराज रोड से कनेक्ट होगा। यह कनेक्टिविटी कानपुर के कई हिस्सों तक तेज़ पहुंच सुनिश्चित करेगी।
प्रभावित परिवारों की चिंता और उम्मीदें
जहाँ स्थानीय नागरिक इस परियोजना को लेकर उत्साहित हैं, वहीं प्रभावित परिवार मुआवज़े की राशि को लेकर अपनी चिंताएँ भी जता रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि—
सभी पात्र लोगों को नियमों के अनुसार उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कब शुरू होगा निर्माण कार्य?
मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही पहले चरण का काम—ज़मीन खाली कराना,पाइलिंग,आधार निर्माण शुरू कर दिए जाएंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत या अगले महीने की शुरुआत में निर्माण शुरू होने की संभावना है।
स्थानीय विकास को नई दिशा
यह पुल न केवल ट्रैफ़िक व्यवस्था को सुचारू करेगा, बल्कि शुक्लागंज और कानपुर के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान बदल सकता है।
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